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2 मिनट हॉरर स्टोरीज़ अब हिंदी में रोज़ एक! केवल मेरे हिंदी पाठकों के लिए - "The Broken Toe"

Bhoota Gappa अब हिंदी में भी उपलब्ध है - "I am Never Coming Back Home"

मैं एक कॉल सेंटर में काम करती थी और घर पास होने के कारण अक्सर रात में पैदल ही लौटती थी। कई दिनों से एक लड़का दूर से मेरा पीछा करता था, लेकिन वह कभी पास नहीं आया, इसलिए मैंने शिकायत नहीं की। एक रात तेज़ बारिश हो रही थी और अचानक बिजली चली गई। अँधेरे में मुझे लगा जैसे कोई परछाईं मेरे पास से गुज़री। कुछ ही मिनटों में लाइट वापस आई तो वही लड़का सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा था और उसके दोस्त मुझे डरे हुए नज़रों से देख रहे थे। मुझे पता था उस रात कोई था—कोई जो अब इस दुनिया में नहीं है। पिछले साल दंगे में मेरे प्रेमी की बेरहमी से हत्या हो गई थी। उसने मुस्कुराते हुए मेरे फोन में एक ट्रैकर ऐप डाला था और कहा था, “सेफ रहना।” शायद वह आज भी अपना वादा निभा रहा है।            Visit - "BhootaGappa.Com"

भूता गप्पा – अब हिंदी में उपलब्ध amazon पर - "The Chair Outside The Window"

 हमारा परिवार शहर के बाहरी इलाके में एक छोटे कस्बे के पास बने सरकारी घर में रहने आया। पिताजी सरकारी डॉक्टर थे, इसलिए घर अधिकारियों द्वारा तय किया गया था, लेकिन हमेशा की तरह साफ-सुथरा और सजा हुआ मिला। मैं और मेरा भाई बच्चों की तरह हर कमरे और बड़े से पिछवाड़े की खोजबीन करने लगे। रात होते ही मेरी नज़र खिड़की के बाहर आँगन में रखी एक पुरानी, धूल और जालों से ढकी कुर्सी पर पड़ी—वह किसी पुराने ज़माने की लग रही थी। आधी रात को प्यास लगी तो पानी लेने उठा, तभी खिड़की की ओर देखा—ऐसा लगा जैसे उस कुर्सी पर कोई बैठा हो। थका हुआ समझकर मैंने इसे सपना मान लिया। अगले दिन पिताजी से पूछा तो उन्होंने कहा कि वे जल्दी सो गए थे, कोई आया ही नहीं। अगली रात मैंने भाई को अपने साथ सुलाने की कोशिश की, पर वह गहरी नींद में था। फिर वही दृश्य—कुर्सी पर कोई बैठा था। हिम्मत जुटाकर मैं परदे के पीछे छिपकर पास गया। बाहर अंधेरा और हल्का कोहरा था, फिर भी वह आकृति स्थिर बैठी दिख रही थी। डरते हुए मैंने दरवाज़ा खोला, हाथ में बैट था, और लाइट जलाई—“कौन हो तुम?” चीख पड़ा। वहाँ कोई नहीं था, सिर्फ़ खाली कुर्सी। लेकिन इस बार कुर्सी ...